श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.55

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

अष्टमस्तु तयोरासीत् स्वयमेव हरिः किल।

सुभद्रा च महाभागा तव राजन् पितामही॥ ५५

aṣṭamastu tayorāsīt svayameva hariḥ kila|

subhadrā ca mahābhāgā tava rājan pitāmahī|| 55

अर्थ

उन दोनोंके आठवें पुत्र स्वयं श्रीभगवान् ही थे। परीक्षित्! तुम्हारी परम सौभाग्यवती दादी सुभद्रा भी देवकीजीकी ही कन्या थीं॥ ५५॥

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