श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.4

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

जीमूतो विकृतिस्तस्य यस्य भीमरथः सुतः।

ततो नवरथः पुत्रो जातो दशरथस्ततः॥ ४

jīmūto vikṛtistasya yasya bhīmarathaḥ sutaḥ|

tato navarathaḥ putro jāto daśarathastataḥ|| 4

अर्थ

व्योमका जीमूत, जीमूतका विकृति, विकृतिका भीमरथ, भीमरथका नवरथ और नवरथका दशरथ हुआ॥ ४॥

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