श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.2.32

नवम स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

तस्यामुत्पादयामास विश्रवा धनदं सुतम्।

प्रादाय विद्यां परमामृषिर्योगेश्‍वरात् पितुः॥ ३२

tasyāmutpādayāmāsa viśravā dhanadaṃ sutam|

prādāya vidyāṃ paramāmṛṣiryogeśvarāt pituḥ|| 32

अर्थ

मुनिवर विश्रवाने अपने योगेश्‍वर पिता पुलस्त्यजीसे उत्तम विद्या प्राप्त करके इडविडाके गर्भसे लोकपाल कुबेरको पुत्ररूपमें उत्पन्‍न किया॥ ३२॥

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