श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.16.27

नवम स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

एवं भृगुषु विश्‍वात्मा भगवान् हरिरीश्‍वरः।

अवतीर्य परं भारं भुवोऽहन् बहुशो नृपान्॥ २७

evaṃ bhṛguṣu viśvātmā bhagavān harirīśvaraḥ|

avatīrya paraṃ bhāraṃ bhuvo'han bahuśo nṛpān|| 27

अर्थ

सर्वशक्तिमान् विश्‍वात्मा भगवान् श्रीहरिने इस प्रकार भृगुवंशियोंमें अवतार ग्रहण करके पृथ्वीके भारभूत राजाओंका बहुत बार वध किया॥ २७॥

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