श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.15.30

नवम स्कन्ध · अध्याय 15 · अथ पञ्चदशोऽध्यायः

अचोदयद्धस्तिरथाश्‍वपत्तिभि-

र्गदासिबाणर्ष्टिशतघ्निशक्तिभिः ।

अक्षौहिणीः सप्तदशातिभीषणा-

स्ता राम एको भगवानसूदयत्॥ ३०

acodayaddhastirathāśvapattibhi-

rgadāsibāṇarṣṭiśataghniśaktibhiḥ |

akṣauhiṇīḥ saptadaśātibhīṣaṇā-

stā rāma eko bhagavānasūdayat|| 30

अर्थ

उन्हें देखते ही उसने गदा, खड्ग, बाण, ऋष्टि, शतघ्नी और शक्ति आदि आयुधोंसे सुसज्जित एवं हाथी, घोड़े, रथ तथा पदातियोंसे युक्त अत्यन्त भयंकर सत्रह अक्षौहिणी सेना भेजी। भगवान् परशुरामने बात-की-बातमें अकेले ही उस सारी सेनाको नष्ट कर दिया॥ ३०॥

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