श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.1.42

नवम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

ततः परिणते काले प्रतिष्ठानपतिः प्रभुः।

पुरूरवस उत्सृज्य गां पुत्राय गतो वनम्॥ ४२

tataḥ pariṇate kāle pratiṣṭhānapatiḥ prabhuḥ|

purūravasa utsṛjya gāṃ putrāya gato vanam|| 42

अर्थ

बहुत दिनोंके बाद वृद्धावस्था आनेपर प्रतिष्ठान नगरीके अधिपति सुद्युम्‍नने अपने पुत्र पुरूरवाको राज्य दे दिया और स्वयं तपस्या करनेके लिये वनकी यात्रा की॥ ४२॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां नवमस्कन्धे
इलोपाख्याने प्रथमोऽध्यायः॥ १॥

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