भगवन्! महात्माओंके कीर्तनीय भगवान्का चरित्र समस्त प्राणियोंको सुख देनेवाला है। आप कृपा करके उनकी वह सब लीला हमारे सामने पूर्णरूपसे वर्णन कीजिये॥ ३॥✎ 830
एतन्नो भगवन् सर्वं यथावद् वक्तुमर्हसि।
उत्तमश्लोकचरितं सर्वलोकसुखावहम्॥ ३
भगवन्! महात्माओंके कीर्तनीय भगवान्का चरित्र समस्त प्राणियोंको सुख देनेवाला है। आप कृपा करके उनकी वह सब लीला हमारे सामने पूर्णरूपसे वर्णन कीजिये॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1014) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/24/3/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)