इस प्रकार भगवान्ने बलिसे स्वर्गका राज्य लेकर इन्द्रको दे दिया, अदितिकी कामना पूर्ण की और स्वयं उपेन्द्र बनकर वे सारे जगत्का शासन करने लगे॥ ४॥✎ 819820
एवमिन्द्राय भगवान् प्रत्यानीय त्रिविष्टपम्।
पूरयित्वादितेः काममशासत् सकलं जगत्॥ ४
इस प्रकार भगवान्ने बलिसे स्वर्गका राज्य लेकर इन्द्रको दे दिया, अदितिकी कामना पूर्ण की और स्वयं उपेन्द्र बनकर वे सारे जगत्का शासन करने लगे॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.23.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1011) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/23/4/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)