॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 8.23.20
प्रजापतिपतिर्ब्रह्मा देवर्षिपितृभूमिपैः।
दक्षभृग्वङ्गिरोमुख्यैः कुमारेण भवेन च॥ २०
prajāpatipatirbrahmā devarṣipitṛbhūmipaiḥ|
dakṣabhṛgvaṅgiromukhyaiḥ kumāreṇa bhavena ca|| 20
अर्थ
इसके बाद प्रजापतियोंके स्वामी ब्रह्माजीने देवर्षि, पितर, मनु, दक्ष, भृगु, अंगिरा, सनत्कुमार और शंकरजीके साथ कश्यप एवं अदितिकी प्रसन्नताके लिये तथा सम्पूर्ण प्राणियोंके अभ्युदयके लिये समस्त लोक और लोकपालोंके स्वामीके पदपर वामनभगवान्का अभिषेक कर दिया॥ २०-२१॥✎ 823