परीक्षित्! राजा बलिकी इच्छा न होनेपर भी वे सब बड़े क्रोधसे शूल, पट्टिश आदि ले-लेकर वामनभगवान्को मारनेके लिये टूट पड़े॥ १४॥✎ 8091628
ते सर्वे वामनं हन्तुं शूलपट्टिशपाणयः।
अनिच्छतो बले राजन् प्राद्रवन् जातमन्यवः॥ १४
परीक्षित्! राजा बलिकी इच्छा न होनेपर भी वे सब बड़े क्रोधसे शूल, पट्टिश आदि ले-लेकर वामनभगवान्को मारनेके लिये टूट पड़े॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.21.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1004) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/21/14/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#809 शब्दोंके बीचका स्थान: वामन-भगवान् को → वामन-भगवान्को