श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.13.24

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

मनुर्वै धर्मसावर्णिरेकादशम आत्मवान्।

अनागतास्तत्सुताश्‍च सत्यधर्मादयो दश॥ २४

manurvai dharmasāvarṇirekādaśama ātmavān|

anāgatāstatsutāśca satyadharmādayo daśa|| 24

अर्थ

ग्यारहवें मनु होंगे अत्यन्त संयमी धर्मसावर्णि। उनके सत्य, धर्म आदि दस पुत्र होंगे॥ २४॥

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