॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 8.13.21
दशमो ब्रह्मसावर्णिरुपश्लोकसुतो महान्।
तत्सुता भूरिषेणाद्या हविष्मत्प्रमुखा द्विजाः॥ २१
daśamo brahmasāvarṇirupaślokasuto mahān|
tatsutā bhūriṣeṇādyā haviṣmatpramukhā dvijāḥ|| 21
अर्थ
दसवें मनु होंगे उपश्लोकके पुत्र ब्रह्मसावर्णि। उनमें समस्त सद्गुण निवास करेंगे। भूरिषेण आदि उनके पुत्र होंगे और हविष्मान्, सुकृति, सत्य, जय, मूर्ति आदि सप्तर्षि। सुवासन, विरुद्ध आदि देवताओंके गण होंगे और इन्द्र होंगे शम्भु॥ २१-२२॥