परीक्षित्! नदी, सरोवर, पर्वत, वन और उपवनमें एवं जहाँ-जहाँ ऋषि-मुनि निवास करते थे, वहाँ वहाँ मोहिनीके पीछे-पीछे भगवान् शंकर गये थे॥ ३४॥✎ 734735736737738
सरित्सरस्सु शैलेषु वनेषूपवनेषु च।
यत्र क्व चासन्नृषयस्तत्र संनिहितो हरः॥ ३४
परीक्षित्! नदी, सरोवर, पर्वत, वन और उपवनमें एवं जहाँ-जहाँ ऋषि-मुनि निवास करते थे, वहाँ वहाँ मोहिनीके पीछे-पीछे भगवान् शंकर गये थे॥ ३४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.12.34 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 967) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/12/34/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (5)