श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.12.16

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

तत्तेऽहं दर्शयिष्यामि दिदृक्षोः सुरसत्तम।

कामिनां बहु मन्तव्यं सङ्कल्पप्रभवोदयम्॥ १६

tatte'haṃ darśayiṣyāmi didṛkṣoḥ surasattama|

kāmināṃ bahu mantavyaṃ saṅkalpaprabhavodayam|| 16

अर्थ

देवशिरोमणे! आप उसे देखना चाहते हैं, इसलिये मैं आपको वह रूप दिखाऊँगा। परन्तु वह रूप तो कामी पुरुषोंका ही आदरणीय है, क्योंकि वह कामभावको उत्तेजित करनेवाला है॥ १६॥✎ 733

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #733 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीविष्णुभगवान् ने → श्रीविष्णुभगवान्‌ने

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