श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.11.7

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

बलिरुवाच

सङ्ग्रामे वर्तमानानां कालचोदितकर्मणाम्।

कीर्तिर्जयोऽजयो मृत्युः सर्वेषां स्युरनुक्रमात्॥ ७

saṅgrāme vartamānānāṃ kālacoditakarmaṇām|

kīrtirjayo'jayo mṛtyuḥ sarveṣāṃ syuranukramāt|| 7

अर्थ

बलिने कहा—इन्द्र! जो लोग कालशक्तिकी प्रेरणासे अपने कर्मके अनुसार युद्ध करते हैं—उन्हें जीत या हार, यश या अपयश अथवा मृत्यु मिलती ही है॥ ७॥

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