श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.11.43

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

ब्रह्मणा प्रेषितो देवान्देवर्षिर्नारदो नृप।

वारयामास विबुधान्दृष्ट्वा दानवसंक्षयम्॥ ४३

brahmaṇā preṣito devāndevarṣirnārado nṛpa|

vārayāmāsa vibudhāndṛṣṭvā dānavasaṃkṣayam|| 43

अर्थ

परीक्षित्! इधर ब्रह्माजीने देखा कि दानवोंका तो सर्वथा नाश हुआ जा रहा है। तब उन्होंने देवर्षि नारदको देवताओंके पास भेजा और नारदजीने वहाँ जाकर देवताओंको लड़नेसे रोक दिया॥ ४३॥

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