श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.38

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

तेषां पदाघातरथाङ्गचूर्णिता-

दायोधनादुल्बण उत्थितस्तदा।

रेणुर्दिशः खं द्युमणिं च छादयन् ✎ 1113

न्यवर्ततासृक्स्रुतिभिः परिप्लुतात्॥ ३८

teṣāṃ padāghātarathāṅgacūrṇitā-

dāyodhanādulbaṇa utthitastadā|

reṇurdiśaḥ khaṃ dyumaṇiṃ ca chādayan

nyavartatāsṛksrutibhiḥ pariplutāt|| 38

अर्थ

उनके चरणोंकी धमक और रथके पहियोंकी रगड़से पृथ्वी खुद गयी। उस समय रणभूमिसे ऐसी प्रचण्ड धूल उठी कि उसने दिशा, आकाश और सूर्यको भी ढक दिया। परन्तु थोड़ी ही देरमें खूनकी धारासे भूमि आप्लावित हो गयी और कहीं धूलका नाम भी न रहा॥ ३८॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1113 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): द्युमण‌िंक → द्युमणिं

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