तब ब्रह्माजीने अपने पास ही खड़े प्रह्लादको यह कहकर भेजा कि ‘बेटा! तुम्हारे पितापर ही तो भगवान् कुपित हुए थे। अब तुम्हीं उनके पास जाकर उन्हें शान्त करो’॥ ३॥✎ 618
प्रह्रादं प्रेषयामास ब्रह्मावस्थितमन्तिके।
तात प्रशमयोपेहि स्वपित्रे कुपितं प्रभुम्॥ ३
तब ब्रह्माजीने अपने पास ही खड़े प्रह्लादको यह कहकर भेजा कि ‘बेटा! तुम्हारे पितापर ही तो भगवान् कुपित हुए थे। अब तुम्हीं उनके पास जाकर उन्हें शान्त करो’॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.9.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 857) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/9/3/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#618 शब्दोंके बीचका स्थान: नृसिंहभगवान् ने → नृसिंहभगवान्ने