श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.8.20

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

मां केशवो गदया प्रातरव्याद्

गोविन्द आसङ्गवमात्तवेणुः।

नारायणः प्राह्ण उदात्तशक्ति-

र्मध्यन्दिने विष्णुररीन्द्रपाणिः॥ २०

māṃ keśavo gadayā prātaravyād

govinda āsaṅgavamāttaveṇuḥ|

nārāyaṇaḥ prāhṇa udāttaśakti-

rmadhyandine viṣṇurarīndrapāṇiḥ|| 20

अर्थ

प्रातःकाल भगवान् केशव अपनी गदा लेकर, कुछ दिन चढ़ आनेपर भगवान् गोविन्द अपनी बाँसुरी लेकर, दोपहरके पहले भगवान् नारायण अपनी तीक्ष्ण शक्ति लेकर और दोपहरको भगवान् विष्णु चक्रराज सुदर्शन लेकर मेरी रक्षा करें॥ २०॥

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