श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.7.22

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 7 · अथ सप्तमोऽध्यायः

तस्यायमनयस्यासीत् परेभ्यो वः पराभवः।

प्रक्षीणेभ्यः स्ववैरिभ्यः समृद्धानां च यत् सुराः॥ २२

tasyāyamanayasyāsīt parebhyo vaḥ parābhavaḥ|

prakṣīṇebhyaḥ svavairibhyaḥ samṛddhānāṃ ca yat surāḥ|| 22

अर्थ

देवताओ! तुम्हारी उसी अनीतिका यह फल है कि आज समृद्धिशाली होनेपर भी तुम्हें अपने निर्बल शत्रुओंके सामने नीचा देखना पड़ा॥ २२॥

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