भगकी पत्नी सिद्धिने महिमा, विभु और प्रभु—ये तीन पुत्र और आशिष् नामकी एक कन्या उत्पन्न की। यह कन्या बड़ी सुन्दरी और सदाचारिणी थी॥ २॥
सिद्धिर्भगस्य भार्याङ्ग महिमानं विभुं प्रभुम्।
आशिषं च वरारोहां कन्यां प्रासूत सुव्रताम्॥ २
भगकी पत्नी सिद्धिने महिमा, विभु और प्रभु—ये तीन पुत्र और आशिष् नामकी एक कन्या उत्पन्न की। यह कन्या बड़ी सुन्दरी और सदाचारिणी थी॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.18.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 791) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/18/2/