॥ श्रीहरिः ॥
तस्येमां गाथां पाण्डवेय पुराविद उपगायन्ति॥ ८॥
tasyemāṃ gāthāṃ pāṇḍaveya purāvida upagāyanti|| 8||
अर्थ
परीक्षित्! प्राचीन इतिहासको जाननेवाले महात्माओंने राजर्षि गयके विषयमें यह गाथा कही है॥ ८॥✎ 453 454
तस्येमां गाथां पाण्डवेय पुराविद उपगायन्ति॥ ८॥
परीक्षित्! प्राचीन इतिहासको जाननेवाले महात्माओंने राजर्षि गयके विषयमें यह गाथा कही है॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 5.15.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 639) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/5/15/8/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
- #453 शब्दोंके बीचका स्थान: थे,तथा → थे, तथा
- #454 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्की