॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 4.9.61
पयःफेननिभाः शय्या दान्ता रुक्मपरिच्छदाः।
आसनानि महार्हाणि यत्र रौक्मा उपस्कराः॥ ६१
payaḥphenanibhāḥ śayyā dāntā rukmaparicchadāḥ|
āsanāni mahārhāṇi yatra raukmā upaskarāḥ|| 61
अर्थ
वहाँ दूधके फेनके समान सफेद और कोमल शय्याएँ, हाथी-दाँतके पलंग, सुनहरी कामदार परदे, बहुमूल्य आसन और बहुत-सा सोनेका सामान था॥ ६१॥