उसके सरोवरोंमें कुमुद, उत्पल, कल्हार और शतपत्र आदि अनेक जातिके कमल खिले रहते हैं। उनकी शोभासे मुग्ध होकर कलरव करते हुए झुंड-के-झुंड पक्षियोंसे वह बड़ा ही भला लगता है॥ १९॥✎ 1318
कुमुदोत्पलकह्लारशतपत्रवनर्द्धिभिः ।
नलिनीषु कलं कूजत्खगवृन्दोपशोभितम्॥ १९
उसके सरोवरोंमें कुमुद, उत्पल, कल्हार और शतपत्र आदि अनेक जातिके कमल खिले रहते हैं। उनकी शोभासे मुग्ध होकर कलरव करते हुए झुंड-के-झुंड पक्षियोंसे वह बड़ा ही भला लगता है॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.6.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 429) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/6/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)