श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.29.81

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 29 · अथैकोनत्रिंशोऽध्यायः

प्राचीनबर्ही राजर्षिः प्रजासर्गाभिरक्षणे।

आदिश्य पुत्रानगमत्तपसे कपिलाश्रमम्॥ ८१

prācīnabarhī rājarṣiḥ prajāsargābhirakṣaṇe|

ādiśya putrānagamattapase kapilāśramam|| 81

अर्थ

तब राजर्षि प्राचीनबर्हि भी प्रजापालनका भार अपने पुत्रोंको सौंपकर तपस्या करनेके लिये कपिलाश्रमको चले गये॥ ८१॥

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