तब, भगवान् सनत्कुमारने उन्हें जिस परमोत्कृष्ट अध्यात्मयोगकी शिक्षा दी थी, उसीके अनुसार राजा पृथु पुरुषोत्तम श्रीहरिकी आराधना करने लगे॥ ९॥
सनत्कुमारो भगवान् यदाहाध्यात्मिकं परम्।
योगं तेनैव पुरुषमभजत्पुरुषर्षभः॥ ९
तब, भगवान् सनत्कुमारने उन्हें जिस परमोत्कृष्ट अध्यात्मयोगकी शिक्षा दी थी, उसीके अनुसार राजा पृथु पुरुषोत्तम श्रीहरिकी आराधना करने लगे॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.23.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 520) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/23/9/