सत्पुरुषोंका समागम श्रोता और वक्ता दोनोंको ही अभिमत होता है, क्योंकि उनके प्रश्नोत्तर सभीका कल्याण करते हैं॥ १९॥✎ 410
संगमः खलु साधूनामुभयेषां च सम्मतः।
यत्सम्भाषणसम्प्रश्नः सर्वेषां वितनोति शम्॥ १९
सत्पुरुषोंका समागम श्रोता और वक्ता दोनोंको ही अभिमत होता है, क्योंकि उनके प्रश्नोत्तर सभीका कल्याण करते हैं॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.22.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 514) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/22/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#410 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् की → श्रीभगवान्की