sādhūnāṃ bruvato vṛttaṃ nājñānānna ca matsarāt|| 9
अर्थ
‘देवता और अग्नियोंके सहित समस्त ब्रह्मर्षिगण मेरी बात सुनें। मैं नासमझी या द्वेषवश नहीं कहता, बल्कि शिष्टाचारकी बात कहता हूँ॥ ९॥
श्रूयतां ब्रह्मर्षयो मे सहदेवाः सहाग्नयः।
साधूनां ब्रुवतो वृत्तं नाज्ञानान्न च मत्सरात्॥ ९
‘देवता और अग्नियोंके सहित समस्त ब्रह्मर्षिगण मेरी बात सुनें। मैं नासमझी या द्वेषवश नहीं कहता, बल्कि शिष्टाचारकी बात कहता हूँ॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.2.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 412) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/2/9/