॥ श्रीहरिः ॥
तस्मा उन्मादनाथाय नष्टशौचाय दुर्हृदे।
दत्ता बत मया साध्वी चोदिते परमेष्ठिना॥ १६
tasmā unmādanāthāya naṣṭaśaucāya durhṛde|
dattā bata mayā sādhvī codite parameṣṭhinā|| 16
अर्थ
अरे! मैंने केवल ब्रह्माजीके बहकावेमें आकर ऐसे भूतोंके सरदार, आचारहीन और दुष्ट स्वभाववालेको अपनी भोली-भाली बेटी ब्याह दी’॥ १६॥
तस्मा उन्मादनाथाय नष्टशौचाय दुर्हृदे।
दत्ता बत मया साध्वी चोदिते परमेष्ठिना॥ १६
अरे! मैंने केवल ब्रह्माजीके बहकावेमें आकर ऐसे भूतोंके सरदार, आचारहीन और दुष्ट स्वभाववालेको अपनी भोली-भाली बेटी ब्याह दी’॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.2.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 413) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/2/16/