श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.1.39

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

क्रतोरपि क्रिया भार्या वालखिल्यानसूयत।

ऋषीन्षष्टिसहस्राणि ज्वलतो ब्रह्मतेजसा॥ ३९

kratorapi kriyā bhāryā vālakhilyānasūyata|

ṛṣīnṣaṣṭisahasrāṇi jvalato brahmatejasā|| 39

अर्थ

इसी प्रकार क्रतुकी पत्‍नी क्रियाने ब्रह्मतेजसे देदीप्यमान बालखिल्यादि साठ हजार ऋषियोंको जन्म दिया॥ ३९॥

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