sa dṛṣṭvā trastahṛdayaḥ śakṛnmūtraṃ vimuñcati|| 19
अर्थ
इस अवसरपर उसे लेनेके लिये अति भयंकर और रोषयुक्त नेत्रोंवाले जो दो यमदूत आते हैं, उन्हें देखकर वह भयके कारण मल-मूत्र कर देता है॥ १९॥
यमदूतौ तदा प्राप्तौ भीमौ सरभसेक्षणौ।
स दृष्ट्वा त्रस्तहृदयः शकृन्मूत्रं विमुञ्चति॥ १९
इस अवसरपर उसे लेनेके लिये अति भयंकर और रोषयुक्त नेत्रोंवाले जो दो यमदूत आते हैं, उन्हें देखकर वह भयके कारण मल-मूत्र कर देता है॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.30.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 387) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/30/19/