श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.24.19

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

अयं सिद्धगणाधीशः साङ्ख्याचार्यैः सुसम्मतः।

लोके कपिल इत्याख्यां गन्ता ते कीर्तिवर्धनः॥ १९

ayaṃ siddhagaṇādhīśaḥ sāṅkhyācāryaiḥ susammataḥ|

loke kapila ityākhyāṃ gantā te kīrtivardhanaḥ|| 19

अर्थ

ये सिद्धगणोंके स्वामी और सांख्याचार्योंके भी माननीय होंगे। लोकमें तेरी कीर्तिका विस्तार करेंगे और ‘कपिल’ नामसे विख्यात होंगे॥ १९॥✎ 309 1596

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
  • #309 शब्दोंके बीचका स्थान: बाल,कमल-जैसे → बाल, कमल-जैसे
  • #1596 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: निष्कपट-भावसे → निष्कपटभावसे

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