कालियनागका दमन करके विष मिला हुआ जल पीनेसे मरे हुए ग्वालबालों और गौओंको जीवितकर उन्हें कालियदहका निर्दोष जल पीनेकी सुविधा कर दी॥ ३१॥✎ 197198199
विपन्नान् विषपानेन निगृह्य भुजगाधिपम्।
उत्थाप्यापाययद्गावस्तत्तोयं प्रकृतिस्थितम्॥ ३१
कालियनागका दमन करके विष मिला हुआ जल पीनेसे मरे हुए ग्वालबालों और गौओंको जीवितकर उन्हें कालियदहका निर्दोष जल पीनेकी सुविधा कर दी॥ ३१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.2.31 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 245) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/2/31/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)