श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.12.10

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

यदरोदीः सुरश्रेष्ठ सोद्वेग इव बालकः।

ततस्त्वामभिधास्यन्ति नाम्ना रुद्र इति प्रजाः॥ १०

yadarodīḥ suraśreṣṭha sodvega iva bālakaḥ|

tatastvāmabhidhāsyanti nāmnā rudra iti prajāḥ|| 10

अर्थ

देवश्रेष्ठ! तुम जन्म लेते ही बालकके समान फूट-फूटकर रोने लगे, इसलिये प्रजा तुम्हें ‘रुद्र’ नामसे पुकारेगी॥ १०॥

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