श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.8.16

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

गन्धर्वाप्सरसः कामं वसन्तमलयानिलौ।

मुनये प्रेषयामास रजस्तोकमदौ तथा॥ १६

gandharvāpsarasaḥ kāmaṃ vasantamalayānilau|

munaye preṣayāmāsa rajastokamadau tathā|| 16

अर्थ

शौनकजी! इन्द्रने मार्कण्डेयजीकी तपस्यामें विघ्न डालनेके लिये उनके आश्रमपर गन्धर्व, अप्सराएँ, काम, वसन्त, मलयानिल, लोभ और मदको भेजा॥ १६॥

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