श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.2.33

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

यस्मिन् कृष्णो दिवं यातस्तस्मिन्‍नेव तदाहनि।

प्रतिपन्‍नं कलियुगमिति प्राहुः पुराविदः॥ ३३

yasmin kṛṣṇo divaṃ yātastasminneva tadāhani|

pratipannaṃ kaliyugamiti prāhuḥ purāvidaḥ|| 33

अर्थ

पुरातत्त्ववेत्ता ऐतिहासिक विद्वानोंका कहना है कि जिस दिन भगवान् श्रीकृष्णने अपने परमधामको प्रयाण किया, उसी दिन, उसी समय कलियुगका प्रारम्भ हो गया॥ ३३॥✎ 1924

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1924 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): परम-धामको → परमधामको

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