श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.2.28

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

तेनैत ऋषयो युक्तास्तिष्ठन्त्यब्दशतं नृणाम्।

ये त्वदीये द्विजाः काले अधुना चाश्रिता मघाः॥ २८

tenaita ṛṣayo yuktāstiṣṭhantyabdaśataṃ nṛṇām|

ye tvadīye dvijāḥ kāle adhunā cāśritā maghāḥ|| 28

अर्थ

उस नक्षत्रके साथ सप्तर्षिगण मनुष्योंकी गणनासे सौ वर्षतक रहते हैं। वे तुम्हारे जन्मके समय और इस समय भी मघा नक्षत्रपर स्थित हैं॥ २८॥

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