श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.11.42

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

भगः स्फूर्जोऽरिष्टनेमिरूर्ण आयुश्‍च पंचमः।

कर्कोटकः पूर्वचित्तिः पुष्यमासं नयन्त्यमी॥ ४२

bhagaḥ sphūrjo'riṣṭanemirūrṇa āyuśca paṃcamaḥ|

karkoṭakaḥ pūrvacittiḥ puṣyamāsaṃ nayantyamī|| 42

अर्थ

पौष मासमें भग नामक सूर्यके साथ स्फूर्ज राक्षस, अरिष्टनेमि गन्धर्व, ऊर्ण यक्ष, आयु ऋषि, पूर्वचित्ति अप्सरा और कर्कोटक नाग रहते हैं॥ ४२॥

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