श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.10.12

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

व्याघ्रचर्माम्बरधरं शूलखट्वांगचर्मभिः२।

अक्षमालाडमरुककपालासिधनुः सह॥ १२

vyāghracarmāmbaradharaṃ śūlakhaṭvāṃgacarmabhiḥ|

akṣamālāḍamarukakapālāsidhanuḥ saha|| 12

अर्थ

शरीरपर बाघम्बर धारण किये हुए हैं और हाथोंमें शूल, खट्वांग, ढाल, रुद्राक्ष-माला, डमरू, खप्पर, तलवार और धनुष लिये हैं॥ १२॥

टिप्पणियाँ

  1. २

    तोमरैः।

    (मुद्रित पृष्ठ 960)

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