श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.1.23

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

कृष्णनामाथ तद‍्भ्राता भविता पृथिवीपतिः।

श्रीशान्तकर्णस्तत्पुत्रः पौर्णमासस्तु तत्सुतः॥ २३

kṛṣṇanāmātha tadbhrātā bhavitā pṛthivīpatiḥ|

śrīśāntakarṇastatputraḥ paurṇamāsastu tatsutaḥ|| 23

अर्थ

इसके बाद उसका भाई कृष्ण राजा होगा। कृष्णका पुत्र श्रीशान्तकर्ण और उसका पौर्णमास होगा॥ २३॥✎ 1780

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1780 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: अनिष्ट-कर्मा, → अनिष्टकर्मा,

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