श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.6.33

एकादश स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

अथ तस्यां महोत्पातान् द्वारवत्यां समुत्थितान्।

विलोक्य भगवानाह यदुवृद्धान् समागतान्॥ ३३

atha tasyāṃ mahotpātān dvāravatyāṃ samutthitān|

vilokya bhagavānāha yaduvṛddhān samāgatān|| 33

अर्थ

उनके जाते ही द्वारकापुरीमें बड़े-बड़े अपशकुन, बड़े-बड़े उत्पात उठ खड़े हुए। उन्हें देखकर यदुवंशके बड़े-बूढ़े भगवान् श्रीकृष्णके पास आये। भगवान् श्रीकृष्णने उनसे यह बात कही॥ ३३॥

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