श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.6.24

एकादश स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

यानि ते चरितानीश मनुष्याः साधवः कलौ।

शृण्वन्तः कीर्तयन्तश्‍च तरिष्यन्त्यञ्जसा तमः॥ २४

yāni te caritānīśa manuṣyāḥ sādhavaḥ kalau|

śṛṇvantaḥ kīrtayantaśca tariṣyantyañjasā tamaḥ|| 24

अर्थ

प्रभो! कलियुगमें जो साधुस्वभाव मनुष्य आपकी इन लीलाओंका श्रवण-कीर्तन करेंगे वे सुगमतासे ही इस अज्ञानरूप अन्धकारसे पार हो जायँगे॥ २४॥

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