उन्होंने भगवद्विरहसे व्याकुल होकर वहीं अपने प्राण छोड़ दिये। स्त्रियोंने अपने-अपने पतियोंके शव पहचानकर उन्हें हृदयसे लगा लिया और उनके साथ चितापर बैठकर भस्म हो गयीं॥ १९॥✎ 17761777
प्राणांश्च विजहुस्तत्र भगवद्विरहातुराः।
उपगुह्य पतींस्तात चितामारुरुहुः स्त्रियः॥ १९
उन्होंने भगवद्विरहसे व्याकुल होकर वहीं अपने प्राण छोड़ दिये। स्त्रियोंने अपने-अपने पतियोंके शव पहचानकर उन्हें हृदयसे लगा लिया और उनके साथ चितापर बैठकर भस्म हो गयीं॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.31.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 905) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/31/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)