श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.19.32

एकादश स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

क आढ्यः को दरिद्रो वा कृपणः कः क ईश्‍वरः।

एतान् प्रश्‍नान् मम ब्रूहि विपरीतांश्‍च सत्पते॥ ३२

ka āḍhyaḥ ko daridro vā kṛpaṇaḥ kaḥ ka īśvaraḥ|

etān praśnān mama brūhi viparītāṃśca satpate|| 32

अर्थ

धनवान् और निर्धन किसे कहते हैं? कृपण कौन है? और ईश्‍वर किसे कहते हैं? भक्तवत्सल प्रभो! आप मेरे इन प्रश्‍नोंका उत्तर दीजिये और साथ ही इनके विरोधी भावोंकी भी व्याख्या कीजिये॥ ३२॥

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