तब मैंने रणभूमिमें बहुत-सी युक्तियाँ देकर वीरशिरोमणि अर्जुनको समझाया था। उस समय अर्जुनने भी मुझसे यही प्रश्न किया था, जो तुम कर रहे हो॥ ८॥✎ 17481749
स तदा पुरुषव्याघ्रो युक्त्या मे प्रतिबोधितः।
अभ्यभाषत मामेवं यथा त्वं रणमूर्धनि॥ ८
तब मैंने रणभूमिमें बहुत-सी युक्तियाँ देकर वीरशिरोमणि अर्जुनको समझाया था। उस समय अर्जुनने भी मुझसे यही प्रश्न किया था, जो तुम कर रहे हो॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.16.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 810) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/16/8/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)