॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 11.11.36
मज्जन्मकर्मकथनं मम पर्वानुमोदनम्।
गीतताण्डववादित्रगोष्ठीभिर्मद्गृहोत्सवः॥ ३६
majjanmakarmakathanaṃ mama parvānumodanam|
gītatāṇḍavavāditragoṣṭhībhirmadgṛhotsavaḥ|| 36
अर्थ
मेरे दिव्य जन्म और कर्मोंकी चर्चा करे। जन्माष्टमी, रामनवमी आदि पर्वोंपर आनन्द मनावे और संगीत, नृत्य, बाजे और समाजोंद्वारा मेरे मन्दिरोंमें उत्सव करे-करावे॥ ३६॥