श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.90.35

दशम स्कन्ध · अध्याय 90 · अथ नवतितमोऽध्यायः

एतेषामपि राजेन्द्र तनुजानां मधुद्विषः।

प्रद्युम्‍न आसीत् प्रथमः पितृवद् रुक्मिणीसुतः॥ ३५

eteṣāmapi rājendra tanujānāṃ madhudviṣaḥ|

pradyumna āsīt prathamaḥ pitṛvad rukmiṇīsutaḥ|| 35

अर्थ

राजेन्द्र! भगवान् श्रीकृष्णके इन पुत्रोंमें भी सबसे श्रेष्ठ रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्‍नजी थे। वे सभी गुणोंमें अपने पिताके समान ही थे॥ ३५॥

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