योगेश्वरोंके अधीश्वर! बड़े-बड़े योगेश्वर भी प्रायः यह बात नहीं जानते कि आपकी योगमाया यह है और ऐसी है; फिर हमारी तो बात ही क्या है?॥ ४४॥
इदमित्थमिति प्रायस्तव योगेश्वरेश्वर।
न विदन्त्यपि योगेशा योगमायां कुतो वयम्॥ ४४
योगेश्वरोंके अधीश्वर! बड़े-बड़े योगेश्वर भी प्रायः यह बात नहीं जानते कि आपकी योगमाया यह है और ऐसी है; फिर हमारी तो बात ही क्या है?॥ ४४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.85.44 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 658) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/85/44/