श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.80.24

दशम स्कन्ध · अध्याय 80 · अथाशीतितमोऽध्यायः

अन्तःपुरजनो दृष्ट्वा कृष्णेनामलकीर्तिना।

विस्मितोऽभूदतिप्रीत्या अवधूतं सभाजितम्॥ २४

antaḥpurajano dṛṣṭvā kṛṣṇenāmalakīrtinā|

vismito'bhūdatiprītyā avadhūtaṃ sabhājitam|| 24

अर्थ

अन्तःपुरकी स्त्रियाँ यह देखकर अत्यन्त विस्मित हो गयीं कि पवित्रकीर्ति भगवान् श्रीकृष्ण अतिशय प्रेमसे इस मैले-कुचैले अवधूत ब्राह्मणकी पूजा कर रहे हैं॥ २४॥

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