श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.76.20

दशम स्कन्ध · अध्याय 76 · अथ षट्सप्ततितमोऽध्यायः

तदद्भुतं महत् कर्म प्रद्युम्‍नस्य महात्मनः।

दृष्ट्वा तं पूजयामासुः सर्वे स्वपरसैनिकाः॥ २०

tadadbhutaṃ mahat karma pradyumnasya mahātmanaḥ|

dṛṣṭvā taṃ pūjayāmāsuḥ sarve svaparasainikāḥ|| 20

अर्थ

महामना प्रद्युम्‍नजीके इस अद्भुत और महान् कर्मको देखकर अपने एवं पराये—सभी सैनिक उनकी प्रशंसा करने लगे॥ २०॥

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